+ हमारी पावन यात्रा +
आस्था और नवनीकरण की समयरेखा
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मंदिर स्थापना
जून 1956
श्री बाबा केदारनाथ वाटिका की पावन यात्रा जून 1956 में प्रारंभ हुई, जिसकी स्थापना स्वर्गीय हर प्यारी कुँवर सक्सेना (स्वर्गीय राम बहादुर सक्सेना, पाटकापुर, कानपुर की पत्नी) ने की। परिवार और अनगिनत भक्तों की श्रद्धा से यह पवित्र स्थान भगवान शिव, बाबा केदारनाथ का धाम बना।
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मंदिर नवीनीकरण
जनवरी 2022
जनवरी 2022 में मंदिर का बड़ा नवीनीकरण हुआ ताकि इसकी भव्यता लौटे और भक्तों के लिए सुविधाएँ बेहतर हों। पवित्र संरचना का सावधानी से नवीनीकरण करते हुए इसकी आध्यात्मिक गरिमा बनाए रखी गई, जिससे आने वाली पीढ़ियाँ भी यहाँ आशीर्वाद प्राप्त करती रहें।
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परंपरा को आगे बढ़ाना
वर्तमान
नवीनीकरण के बाद श्री बाबा केदारनाथ वाटिका आध्यात्मिक गतिविधियों का सजीव केंद्र बन गया है। वार्षिक कार्यक्रम, उत्सव, भजन संध्या और विशेष पूजा समुदाय को भक्ति में एक साथ लाते हैं। यह मंदिर एक आध्यात्मिक घर के रूप में सेवा देता है जहाँ भक्त शांति, आशीर्वाद और दिव्यता से जुड़ाव पाते हैं।
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